रुकी रुकी सी बारिशों के बोझ से दबी दबी
झुके झुके से बादलों से -
धरती की प्यास बुझी
घटाओं ने झूमकर
मुझसे कुछ कहा तो है
बूंदे मुझे छू गई -
तेरा ख्याल आ गया
सोंधी खुशबू वाला पानी -
तुझसे भी कुछ कहता होगा
बादल ने बारिश के हाथों
तुझको भी कुछ भेजा होगा
मेघों ने बरसकर ,
तुझसे कुछ कहा है क्या -
सावन की रिमझिम में
तेरा ख्याल आ गया
A painting ( The starry night ) by Vincent van Gogh.....
वो एक ख्वाब की तरह ,
रात भर पलकों पर सजता है
आँखों के साये चलता हैआँखे खुलते ही ....
ओस की बूंदों सा
दिल में शबनम बन बसता है
Girls at the Piano, 1892, by Pierre-Auguste Renoir, Musée d'Orsay, Paris
उसके आने की दस्तक हुई ..
सकुचाया , शरमाया आया बसंत
फूल खिले , मधु झरे
खुशबुओं की आहट , लाया बसंत
अंगना में धूप खिली , बसंती बयार बही
सुधबुध सबकी बिसराया बसंत ....
गुलमोहर
लाल , बैंगनी ,पीला -
हर रंग में खिलता है गुलमोहर
धूप में छाँव की तरह
घने पत्तों के साये में -
शीतल बयार की तरह
पीले खिले फूल
-तुम्हारी मुस्कान की तरह
नीले आसमान के नीचेखिले बैगनी फूल -
किसी याद की तरह
शाखों से लटकते लाल गुलमोहर
-मन की आग की तरह
---painting by M F HUSAIN
बसन्त की उमंगों में
इन्द्रधनुषी रंगों में
बस तेरा नाम महकता है.............
सावन की फुहरों में
मन वीणा के तारों में
तेरी ही धुन बजती है................
उषा की अरूणाई में
सुनहली चम्पई साँझ में
तुम ही तुम शामिल हो............
मलयज पवन के झोंकों में
महकी मदिर बयार में
तुम्हारें ही अहसास है............
painting by Anjolie Ela Menon.....
रात भर चाँद चलता रहा
रात का पहरा ढलता रहा
सुबह के आगोश में आने को
चाँद का मन मचलता रहा
सुरमई साँझ से निकला चाँद
बदली की ओट में छुपता रहा
रात का आँचल ढलते ही
सुबह के साये में गुम हुआ
सूने से आकाश में चमके
यूँ पूनम का चाँद ....
यादों में चांदनी उतरती
करीब चला आया चाँद ... "The Frame" by Frida Kahlo