बुधवार, 13 जुलाई 2011
गुरुवार, 23 जून 2011
सावन
रुकी रुकी सी बारिशों के बोझ से दबी दबी
झुके झुके से बादलों से -
धरती की प्यास बुझी
घटाओं ने झूमकर
मुझसे कुछ कहा तो है
बूंदे मुझे छू गई -
तेरा ख्याल आ गया
सोंधी खुशबू वाला पानी -
तुझसे भी कुछ कहता होगा
बादल ने बारिश के हाथों
तुझको भी कुछ भेजा होगा
मेघों ने बरसकर ,
तुझसे कुछ कहा है क्या -
सावन की रिमझिम में
तेरा ख्याल आ गया
A painting ( The starry night ) by Vincent van Gogh.....
झुके झुके से बादलों से -
धरती की प्यास बुझी
घटाओं ने झूमकर
मुझसे कुछ कहा तो है
बूंदे मुझे छू गई -
तेरा ख्याल आ गया
सोंधी खुशबू वाला पानी -
तुझसे भी कुछ कहता होगा
बादल ने बारिश के हाथों
तुझको भी कुछ भेजा होगा
मेघों ने बरसकर ,
तुझसे कुछ कहा है क्या -
सावन की रिमझिम में
तेरा ख्याल आ गया
A painting ( The starry night ) by Vincent van Gogh.....
शुक्रवार, 13 मई 2011
मंगलवार, 8 फ़रवरी 2011
बुधवार, 2 फ़रवरी 2011
गुरुवार, 20 जनवरी 2011
umang
बसन्त की उमंगों में
इन्द्रधनुषी रंगों में
बस तेरा नाम महकता है.............
सावन की फुहरों में
मन वीणा के तारों में
तेरी ही धुन बजती है................
उषा की अरूणाई में
सुनहली चम्पई साँझ में
तुम ही तुम शामिल हो............
मलयज पवन के झोंकों में
महकी मदिर बयार में
तुम्हारें ही अहसास है............
painting by Anjolie Ela Menon.....
इन्द्रधनुषी रंगों में
बस तेरा नाम महकता है.............
सावन की फुहरों में
मन वीणा के तारों में
तेरी ही धुन बजती है................
उषा की अरूणाई में
सुनहली चम्पई साँझ में
तुम ही तुम शामिल हो............
मलयज पवन के झोंकों में
महकी मदिर बयार में
तुम्हारें ही अहसास है............
painting by Anjolie Ela Menon.....
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