बुधवार, 2 फ़रवरी 2011

Gulmohar

गुलमोहर

लाल , बैंगनी ,पीला -
हर रंग में खिलता है गुलमोहर


धूप में छाँव की तरह
घने पत्तों के साये में -
शीतल बयार की तरह
पीले खिले फूल
-तुम्हारी मुस्कान की तरह


नीले आसमान के नीचेखिले बैगनी फूल -
किसी याद की तरह
शाखों से लटकते लाल गुलमोहर
-मन की आग की तरह





---painting by M F HUSAIN

गुरुवार, 20 जनवरी 2011

umang

बसन्त की उमंगों में

इन्द्रधनुषी रंगों में
बस तेरा नाम महकता है.............


सावन की फुहरों में
मन वीणा के तारों में
तेरी ही धुन बजती है................


उषा की अरूणाई में
सुनहली चम्पई साँझ में
तुम ही तुम शामिल हो............


मलयज पवन के झोंकों में
महकी मदिर बयार में
तुम्हारें ही अहसास है............

painting by Anjolie Ela Menon.....

गुरुवार, 16 सितंबर 2010

chand

                                                                                                                        
रात भर चाँद चलता रहा
रात का पहरा ढलता रहा
सुबह के आगोश में आने को
चाँद का मन मचलता रहा




सुरमई साँझ से निकला चाँद
बदली की ओट में छुपता रहा
रात का आँचल ढलते ही
सुबह के साये में गुम हुआ




सूने से आकाश में चमके
यूँ पूनम का चाँद ....
यादों में चांदनी उतरती                 
करीब चला आया चाँद ... "The Frame" by Frida Kahlo

शुक्रवार, 20 अगस्त 2010


एक आवाज काफी है , धड़कने रुकने के लिए
उसकी आहट काफी है , मूड बदलने के लिए

---- painting by Raja Ravi verma

शुक्रवार, 21 मई 2010

२२ /५/10



हवाओं के सुरों पर , सिहरन की तरह


गर्म फिजाओं में , ठिठुरन की तरह


सूरज की तपिश में , बर्फीली छुअन सा


दूर कहीं कोएल की , कूक सा

कानों में बजती , बाँसुरी सा

धड़कन में बजती , रागिनी सा

आगोश में भरकर , छूकर जो निकला

कहीं यह रोमांस तो नहीं .......


सोमवार, 10 मई 2010

मदर'स डे 9 may

लबो पे जिसके कभी बद्दुआ नहीं होती

वो माँ है जो कभी खफा नहीं होती

जब भी कश्ती मेरी सैलाब में आ जाती है

माँ दुआ करती हुई ख्वाब में आ जाती है

शुक्रवार, 7 मई 2010

5 May --Vigyan bhawan Delhi


जिन्दगी का फलक ,पेंटिंग बन जाये

रंग भरूँ इसमें खवाबो से

उडान हौसलों से ऊँची हो

पंख मिले अरमानो से .....