सोमवार, 27 फ़रवरी 2012
गुरुवार, 1 सितंबर 2011
31 Aug- Chand Id ka
आज मिल गया चाँद ईद का ,
खिड़की से चला आया हाथों में मेरे -
मुस्करा कर लगा पूछने केफियत बीते दिनों की ...
बुधवार, 3 अगस्त 2011
3 Aug. 2011 -- teej.....
खुली आँखों के ख्वाब ...
हिना की खुशबू में महके हुए
सांसों में महकती है सावन की सोंधी खुशबू ...
बुँदे बारिश की ...मन को छूती हुई......
क्या यही सच है या उनीदा सा khwab ......
बुधवार, 13 जुलाई 2011
गुरुवार, 23 जून 2011
सावन
रुकी रुकी सी बारिशों के बोझ से दबी दबी
झुके झुके से बादलों से -
धरती की प्यास बुझी
घटाओं ने झूमकर
मुझसे कुछ कहा तो है
बूंदे मुझे छू गई -
तेरा ख्याल आ गया
सोंधी खुशबू वाला पानी -
तुझसे भी कुछ कहता होगा
बादल ने बारिश के हाथों
तुझको भी कुछ भेजा होगा
मेघों ने बरसकर ,
तुझसे कुछ कहा है क्या -
सावन की रिमझिम में
तेरा ख्याल आ गया
A painting ( The starry night ) by Vincent van Gogh.....
झुके झुके से बादलों से -
धरती की प्यास बुझी
घटाओं ने झूमकर
मुझसे कुछ कहा तो है
बूंदे मुझे छू गई -
तेरा ख्याल आ गया
सोंधी खुशबू वाला पानी -
तुझसे भी कुछ कहता होगा
बादल ने बारिश के हाथों
तुझको भी कुछ भेजा होगा
मेघों ने बरसकर ,
तुझसे कुछ कहा है क्या -
सावन की रिमझिम में
तेरा ख्याल आ गया
A painting ( The starry night ) by Vincent van Gogh.....
शुक्रवार, 13 मई 2011
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ (Atom)

