गुरुवार, 23 अप्रैल 2015

Fija....


ताजा  हवा  का झोंका है या ,
   वादियों  की      फिजा ,
रँगत  है     साँझ      की  या
   बहारों   की   इल्तिजा ..........
 

गुरुवार, 26 फ़रवरी 2015

शनिवार, 14 जुलाई 2012

sawan

रिमझिम मौसम  की ,  सावनी  फुहारें 
माटी  से , सोंधी  खुशबू  लाये 
बरखा  की बूंदे  , तन को भिगोये 
शबनमी  यादे ,  मन  महकाएँ  

सोमवार, 27 फ़रवरी 2012

फागुन

फागुनी हवा है वोह ,
मुट्ठी में बांधना है .......
खुशबु है , बसंती झोंको की
सजा हो पलकों पर ख्वाब कोई ....
रहता है सांसों में धड़कन बनकर
उड़ जाता है ,नींदों से , सपना बनकर .....

रविवार, 23 अक्टूबर 2011

लगे   रोशनी  की झड़ी झूम ऐसी
निशा की गली में तिमिर राह भूले ....

गुरुवार, 1 सितंबर 2011

31 Aug- Chand Id ka

आज मिल गया चाँद ईद का ,
खिड़की से चला आया हाथों   में मेरे -
मुस्करा कर लगा पूछने केफियत बीते दिनों की ...

बुधवार, 3 अगस्त 2011

3 Aug. 2011 -- teej.....

खुली आँखों के ख्वाब ...
हिना की खुशबू में महके  हुए
सांसों  में महकती है सावन की सोंधी  खुशबू ...
बुँदे     बारिश की ...मन  को छूती  हुई......
क्या यही सच है या उनीदा सा  khwab ......